चीन की दादागीरी के दिन अब गए… नौसेना में शामिल ‘सैंड शार्क’, भारत की ताकत बढ़ेगी
यह सबमरीन सनए तकनीक से परिपक्व है, जिसके कारण रडार भी आसानी से इसे नहीं caught पाते. INS वागीर से हिंद महासागर में CHINA नौसेना की बढ़ती मौजूदगी पर लगेगा ब्रेक.
अब हिंद महासागर में चाइना की दादागीरी चलेगी नही. SEA में भारत की ताकत बढ़ गई है. कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों की पांचवीं पनडुब्बी INS वागीर को आज भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जिससे बल की ताकत बहुत बढ़ेगी.INS वागीर का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने फ्रांस के मैस
र्स नेवल GROUP के सहयोग से किया है. नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर हरि KUMAR की उपस्थिति में इसे नौसेना में शामिल किया ।
र्स नेवल GROUP के सहयोग से किया है. नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर हरि KUMAR की उपस्थिति में इसे नौसेना में शामिल किया ।
भारतीय नौसेना का खाना है, पनडुब्बी दुश्मन को रोकने की भारतीय नौसेना की क्षमता में बढ़ोतरी करके भारत के समुद्री हितों को आगे बढ़ेगी. यह संकट के समय में निर्णायक वार करने के लिए सक्षम, निगरानी और टोही (INS) अभियान के संचालन में भी मददगार साबित होगी. वागीर का अर्थ सैंड शार्क है, तत्परता और निर्भयता के भाव को प्रतिबिंब करती है।
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